यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के कारण भू-जल प्रदूषण में कमी आई

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बुधवार को जारी यूनिसेफ के अध्ययन में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन से भूजल प्रदूषण में कमी आई है। यूनिसेफ ने अपनी अध्ययन में यह पाया है कि भारत में स्वच्छ भारत मिशन शत-प्रतिशत सफल रहा है। यूनिसेफ की रिपोर्ट तीन राज्यों- बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल- में किए गए अध्ययन पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जो गाँव खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त नहीं हुए हैं उनका भूजल उन गाँवों से अधिक गंदा है जहाँ अब लोग खुले में शौच करने नहीं जाते। जो गाँव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं उन्हें ‘ओपन डेफिकेशन फ्री’ (ODF) घोषित किया गया है। जो गाँव ODF नहीं हैं उनका भूजल ODF गाँवों की तुलना में 11.25 गुना अधिक गंदा है। इसी प्रकार जो गाँव खुले में शौच से मुक्त नहीं हुए हैं उन गाँवों की मृदा (मिट्टी) भी ODF गाँवों से 1.13 गुना अधिक प्रदूषित है।

जब मिट्टी और भूजल प्रदूषित होता है तो उसमें उगने वाली फसल भी प्रदूषित होती है। ओपन डेफिकेशन फ्री घोषित हो चुके गाँवों में उगने वाला अनाज उन गाँवों में उगने वाले अनाज से 1.48 गुना कम प्रदूषित है जहाँ आज भी लोग बाहर शौच करने जाते हैं। यूनिसेफ रिपोर्ट के अनुसार भूजल और मृदा ही नहीं घरेलू पेयजल भी ओडीएफ गाँवों में 2.68 गुना अधिक स्वच्छ है।

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रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तीनों राज्यों में से बिहार के वह गाँव जो ओडीएफ नहीं हैं, उनकी मिट्टी और पानी सर्वाधिक प्रदूषित है। बिहार में नॉन ओडीएफ गाँवों में से 66.7% के खाद्य स्रोत प्रदूषित हैं, यह आँकड़ा ओडिशा और बंगाल से अधिक है।

गौरतलब है की देश के करीब 5 लाख 62 हजार गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम और अंडमान निकोबार 100% ओडीएफ घोषित हो चुके हैं।

2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन में कहा गया है कि 100% ODF हासिल करने के बाद सालाना 3 लाख लोगों की जान बच जाएगी।

बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर यूनिसेफ ही नहीं, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फॉउंडेशन की रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई। इन दोनों रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत अभियान की प्रशंसा की गई।