देश के सबसे ऊंचे बांध परियोजना को मंजूरी, अरुणाचल में बनेगा सबसे ऊंचा बांध

Modi Cabinet

आज सुबह आर्थिक मुद्दों से जुड़े मंत्रिमंडल समिति की बैठक हुई जिसमे अरुणाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तुत किये गए दिबांग बहुउद्देशीय योजना को मंजूरी दे दी गयी यह बैठक PM मोदी की अध्यक्षता में हुई| बता दे की इस योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश में भारत का सबसे ऊँचा बांध तैयार किया जायेगा|

कैसा होगा भारत का सबसे ऊँचा बांध ?

सुत्रों के मुताबिक यह बांध करीब 278 मीटर लम्बा होगा और देश की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना भी होगा जिसमे 2880 मेगावाट बिजली पैदा करने की छमता होगी| वैसे तो इस योजना का अनुमानित लागत करीब 28080 करोड़ है और इसेकरीब नौ साल की अवधी में तैयार किया जायेगा | बैठक में परियोजना को फ़िलहाल इस बांध के निर्माण के लिए और अन्य गतिविधियों और विभिन्न प्रकार के खर्चों के लिए 1600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है |

इस बांध को अरुणाचल प्रदेश के दिबांग नदी पर बनाया जाना है| यह नदी लोअर दिबांग वैली जिले में है| इस बांध का सबसे फायदा प्रदेश को बिजली उत्पाद में मिलेगी| सूत्रों के अनुसार इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद प्रदेश को 12 फीसदी बिजली मुफ्त में मिलेगी इसके साथ ही 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय छेत्र विकाश कोष को भी दी जाएगी| अनुमान लगाया जा रहा है की कुल मिलकर इस परियोजना से प्रदेश सरकार को करीब 26785 करोड़ का फायदा हो सकता है|

इस समय हमारे देश में बिहार और असम दो राज्य ऐसे है जो भारी बाढ़ की समस्या से बुरी तरह से झुझ रहे है| ऐसे में इस बांध के निर्माण को मंजूरी देकर अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ जैसे हालातों से बचने की कवायद कर रहा है| इसके लिए ब्रह्मपुत्र बोर्ड के तरफ से मास्टर प्लान तैयार किया जाना है जिससे पडोसी राज्यों को भी फायदा मिल सकेगा | दिबांग बहुउद्देशीय योजना इसी मास्टर प्लान का छोटा सा हिस्सा है|

वैसे तो देश में कई ऊँचे-ऊँचे बांध है और आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 3200 बांध है पर वर्तमान में देश का सबसे ऊँचा बांध उत्तराखंड के भागीरथी नदी पर बना है जिसका नाम है टेहरी बांध | इसकी ऊँचाई लगभग 260 मीटर है और चौडाई 575 मीटर है| और अब अरुणाचल प्रदेश में इस बांध के तैयार हो जाने पर ये देश का सबसे ऊँचा बांध बन जायेगा |