वर्ल्ड बैंक भी कर रहा भारत के आरोग्य सेतु ऐप की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे भारत कोरोना वायरस से निपटने का हर संभव प्रयास कर रहा है | इसके लिये हर परिस्थिति को ध्यान मे रखते हुए प्लान तैयार किया जा रहा है | चाहे वो काफी पहले लिया गया लॉकडाउन लगाने का फैसला हो या दोबारा लॉकडाउन बढ़ाने का, प्रधानमंत्री अपने देशवासियों की सुरक्षा मे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते | इसी सिलसिले मे भारत सरकार ने एक मोबाइल ऐप का निर्माण किया था जो कोरोना के संपर्क मे आये लोगों का पता लगाने तथा इस महामारी को रोकने मे काफी सक्षम है |

विश्व बैंक ने की तारीफ़  

यह ऐप अपनी क्षमताओं के कारण विश्व बैंक का भी ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है | विश्व बैंक ने अभी अपनी रिपोर्ट निकाली है | इसमें उन्होंने भारत सरकार के इस ऐप की तारीफ की है | उन्होंने कहा है कि इसने दुनिया को एक नया रास्ता दिखाया है | इसकी उपयोगिता को देखते हुए सरकार की तरफ से इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड करने की अपील की गई है |

विश्व बैंक ने रविवार को आरोग्य सेतु ऐप का उदाहण देते हुए एक रिपोर्ट जारी की | इसमें कहा गया है कि ये ऐप बड़े पैमाने पर आबादी को शिक्षित करने और संक्रमण को ट्रैक करने में मदद कर सकते हैं | विश्व बैंक की दक्षिण आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए डिजिटल तकनीकों का भी उपयोग किया जा सकता है | बड़े स्तर पर इस तरह की पहल स्वैच्छिक, पूर्वी एशिया में इस महामारी से निपटने में मदद करने में सफल रही है |

क्या है आरोग्य सेतु ऐप

आपको बता दें कि भारत ने मार्च में एक आरोग्य सेतु लॉन्च किया है जो उपयोगकर्ताओं के स्मार्टफोन से डेटा का उपयोग करके यह बताने में मदद करता है कि वे किसी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आए हैं | यह ऐप आई फोन और एंड्रॉयड, दोनों तरह के फोन के लिए तैयार किया गया है | यह एक विश्व स्तरीय ऐप है जिसका उद्देश्य महामारी को फैलने से रोकना है |

बड़ी कंपनियां भी बना रहीं ऐसे ऐप

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने ट्विटर पर एप्पल के सीईओ टिम कुक और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को टैग करते हुए लिखा है कि भारत कोविड-19 (Covid-19) के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का रास्ता आगे बढ़ा रहा है | एक ऐसी ऐप जिसे यूजर्स की जानकारी सीक्रेट रखने के लिहाज से डिजाइन किया गया है | हमें खुशी है कि आरोग्य सेतु ऐप की तर्ज पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए एप्पल और गूगल मिलकर इस तरह की ऐप  विकसित कर रहे हैं |

ऐप के लॉन्च होने के कुछ दिनों बाद वैश्विक तकनीक की बड़ी कंपनियों एप्पल और गूगल ने शनिवार को कहा कि वह स्मार्टफोन में एक ऐसे सॉफ्टवेयर का निर्माण कर रही हैं जो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद करेगा और उपयोगकर्ताओं को सूचित करेगा कि वह कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं या नहीं |