पानी के लिए तरसते देश का ऐसा गाँव जहाँ मुफ्त में दूध मिलता है

Milkजितना जरूरी हमारे लिए पानी होता है, अच्छे स्वास्थ के लिए दूध भी उतना ही जरूरी होता है| लोगो की ज़रुरत के हिसाब से देश में बड़े पैमाने पर दूध का व्यापारहोता है, इनमे कुछ प्रोजेक्ट्स सरकार द्वारा भी संचालित होते हैं और कुछ प्रोजेक्ट्स निजी कंपनियों द्वारा संचालित होते है| पर क्या आपको पता है हमारे देश में एक ऐसा गाँव भी है जहाँ ज़रूरतमंदों को दूध मुफ्त में भी मिलता है|

गाँव जहाँ लोगों को मुफ्त में मिलता है दूध

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सूत्रों का कहना है की इस ग्राम को ग्वालों का गांव कहा जाता है, और इस गाँव में लगभग हर किसी के घर में मवेशी पाए जाते हैं। जिसकी वजह से ज़्यादातर घरों में दूध प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है| पर रोचक बात ये है कि जिन घरों में मवेशी नहीं पाए जाते है उन लोगों को ज़रुरत के हिसाब दूध मुफ्त में दिया जाता है| जिन लोगों के पास दूध ज्यादा होता है वो इन ज़रूरतमंदों को दूध बाँट देते है|

वैसे तो अब तक ये तय नहीं है कि ये अनोखा गाँव देश के किस हिस्से में है। पर सूत्रों और इन्टरनेट पर मौजूद कुछ विडियो के आधार पर कहा जाता है कि ये मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में है, वहीँ कुछ लोग इसे बैतूल जिले का चूड़िया गांव बता रहे है|

क्या है असली वजह दूध बेचने के बजाये बाँटने की?

सूत्रों के अनुसार करीब 100 साल पहले इस गाँव में एक बाबा आये थे, जो अपने आप को गौ माता के बहुत बड़े भक्त बताते थे| उनका कहना था कि अगर हमारे पास दूध ज्यादा मात्रा में है तो हमें दूध बेचने के बजाये ज़रूरतमंदो को दान में दे देना चाहिए|

असल में बाबा का मानना था कि अगर लोग दूध नहीं बेचेंगे तो ज़ाहिर सी बात है इसका सेवन खुद करेंगे और स्वस्थ रहेंगे| बस तभी से यहाँ के लोगों ने दूध को बेचना बंद कर दिया और मुफ्त में ज़रूरतमंदों को दूध देने लगे।

कुछ लोग तो ये भी मानते है कि दूध बेचने पर उनके मवेशी बीमार पड़ जाते है और फिर उनकी मृत्यु हो जाती है, इसलिए भी लोग जरूरत से ज्यादा होने पर दूसरों को मुफ्त में दे देते हैं।

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अब इसे लोगों का अन्धविश्वास कहो या उनकी अपने मवेशियों के प्रति चिंता, पर सबसे अहम् बात है कि लोगों के इस परोपकार से दूसरों का भला ही हो रहा है| लोगो का कहना है कि इस गाँव के ज़्यादातर लोग किसान है इसलिए दूध न बेचने से किसी को कोई आर्थिक समस्या नहीं होती और जिन लोगो को थोड़ी आर्थिक तंगी होती है वो इस दूध का घी बनाकर बेचते है पर दूध नहीं बेचते है|

खैर इस गाँव के लोग उदार भावना की मिसाल बन गए हैं, क्योंकि ऐसे समय में जहाँ हमारे देश में पानी भी खरीद कर पीना पड़ता है, उस समय दूध को मुफ्त में बाँटना ये किसी चमत्कारी कार्य से कम नहीं है|