चीन को सख्त संदेश, सीमा पर फौज की तोपे भी हुई तैनात

वैसे तो चीन दुनिया को दिखाने के लिए भारत से बातचीत करने का स्वांग रच रहा है, तो दूसरी तरफ लद्दाख इलाके में सीमा से कुछ जगह सेना पीछे हटा चुका है तो कुछ जगह पीछे हटने क लेकर टालमटोली कर रहा है। चीन की इसी चाल को ध्यान में रखकर अब भारतीय फौज ने सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी है।

लद्दाख सीमा पर सेना ने तैनात की तोप

इतिहास में जो गलती चीन को लेकर भारत से हुई वो दोबारा से न हो, इसके लिए भारत पहले से ज्यादा चीन को लेकर सजग है, भारत अच्छी तरह से जानता है कि चीन एक नंबर का दगाबाज है और धूर्त मक्कारी से भरा ड्रैगन कभी भी बदनियत से सीमा पर अपनी सेना को बढ़ा सकता है। चीन के इसी चरित्र और हरकतों को देखकर भारतीय सेना  ने LAC पर अपनी तैयारी बढ़ा दी है, पूर्वी लद्दाख में तोपों की तैनाती बढ़ा दी गई है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारतीय सेना भी पूरी तरह से तैयार है, चीन की हरकतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने पूर्वी लद्दाख में 60 हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है। भारत ने भीष्म टैंक, अपाचे युद्धक हेलीकॉप्टर, सुखोई फाइटर जेट, चिनूक और ‘रुद्र’ युद्धक हेलीकॉप्टर की तैनाती कर दी है। पूर्वी लद्दाख में भारत ने तोपों की तैनाती बढ़ा दी है। जिससे ये साफ हो रहा है कि आने वाले दिनो में ये विवाद जल्द सुलझने वला नही है हालांकि देखा जाये तो सभी तरफ से चीन पर भारी दबाब पड़ रहा है।

 पीएम के बाद अब राजनाथ सीमा पर सेना का जोश बढ़ाने जाएंगे

भारत-चीन सीमा  पर अभी तक टकराव पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है, उधर  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह LAC  इलाके का दौरा करेंगे। दो दिन के दौरे पर राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जाएंगे, जहां पर वो LAC के साथ-साथ LoC भी जाएंगे, रक्षा मंत्री के साथ चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी साथ होंगे। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 17 जुलाई को लद्दाख पहुंचेगें इसके बाद वह जम्मू कश्मीर जाएंगे। रक्षा मंत्री चीन और पाक सीमा पर सैनिकों की तैयारियों और हालात का जायजा लेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी भी चीन सीमा पर जाकर सेना के जवानो से मिलकर आये थे और चीन के बिलकुल करीब पहुंचकर संदेश दिया था कि चीन पीछे हट जाये वरना अंजाम ठीक नही होगा। ऐसे में राजनाथ सिंह का दौरा भी महुत महात्वपूर्ण हो जाता है और ये बताता है कि सेना के साथ मोदी सरकार पूरी तरह से खड़ी है। ऐसे में अपने सिपाहियों का जोश भी वो दूना करेंगे तो चीन को क्या संदेश देते हैं ये भी गौर करने वाली बात होगी। वैसे भारत के साथ इस वक्त चीन की हेकड़ी निकालने के लिए समूचा विश्व खड़ा है। ये बात भी ड्रैगन को समझ लेना चाहिए।

बहरहाल चीन इस विवाद को जल्द सुलझाना नही चाहता है क्योंकि इस मामले को लेकर चीनी सरकार की फजीयत इस वक्त चीन में काफी हो चुकी है। ऐसे में चीन इस मामले को लंबा खीचकर देश में अपनी छवि को सही करना चाहता है। लेकिन वो ये नही जानता कि मामला जितना आगे खिंचेगा चीन को लेकर विश्व में अविश्वास उतना ही बढ़ता जायेगा