पीएम के एक भाषण ने देश का बदल दिया हाल, नोटबंदी के बाद देश हुआ मालामाल

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ठीक दो साल पहले 8 नवंबर को पीएम मोदी के एक बयान ने समूची दुनिया को चौका दिया था । शाम के वक्त जब सभी दफ्तर से आकर अपना मनपंसद टीवी सीलियल देख कर थे तो एकाएक पीएम ने देशवासियों के नाम एक संदेश दिया जिसमे पीएम ने कहा कि देर रात 12 बजे के बाद देश मे चलने वाली 500 और हजार के नोट अवैध हो जायेगे। जिसे सुनते ही देश मे अफरा तफरी का माहौल बन गया था हालाकि पीएम ने साफ किया था कि ये कदम देश मे कालेधन रखने वाले लोगों पर एक कार्यवाही है और आम लोगों को इस कार्यवाही से कोई दिक्कत नही आयेगी। इसके साथ साथ आरबीआई ने 500 रुपये के नए नोट सर्कुलेशन में लाए, लेकिन 1,000 रुपये को पूरी तरह खत्म कर दिया गया और 2,000 रुपये के नए नोट आ गए। नोटबंदी के इन दो सालों में इसकी सफलता के 5 किस्से आपको बताते है जिससे देश मे आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरा है.

01.बाजार मे दबे नोट बाहर आये  

वित्त वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिपोर्ट में आरबाई ने माना है कि मार्च 2018 के आखिर तक मूल्य के लिहाज से सर्कुलेशन में 37.7 प्रतिशत नोट बढ़कर 18.03 लाख करोड़ रुपये हो गए। संख्या के लिहाज से सर्कुलेशन में बढ़े नोटों का प्रतिशत 2.1 प्रतिशत रहा। जो एक बड़ी बात है.

02.जाली नोटों का आंकड़ा
आरबीआई डेटा के मुताबिक, 2017-18 के दौरान बैंकिंग सिस्टम में 5 लाख 22 हजार 783 जाली नोटों का पता चला। यानी, कुल नोटों में पकड़े गए जाली नोट  का प्रतिशत 1 रहा जो 2016-17 में महज 4.3 प्रतिशत था। इससे लोगो मे फायदा पहुंचा है।

03.तेज रफ्तार से बढ़ता डिजिटल ट्रांजैक्शन 
एक दौर हुआ करता था जब देश के आम जन डिजिटल ट्रांजैक्शन करने मे कतराते थे लेकिन नोटबंदी के बाद देश मे सभी वर्ग के लोग डिजिटल ट्रांजैक्शन खूब करते दिख करे है। सितंबर 2018 तक BHIM ऐप का ऐंड्रॉयड वर्जन 3 करोड़ 55 लाख जबकि आईओएस वर्जन 17 लाख डाउनलोड हो चुका था। आंकड़े बताते हैं कि 18 अक्टूबर 2018 तक भीम ऐप से 8,206.37 करोड़ रुपये मूल्य के कुल 18 लाख 27 हजार ट्रांजैक्शन हुए। जो एक नये भारत को दर्शाता हैI

04 .RuPayकी अपार सफलता
2012 में नैशनल पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया यानी (NPCI) द्वारा तैयार किया गया पेमेंट सिस्टम रूपे  भारतीय पेमेंट्स मार्केट पर दोनों अमेरिकी कंपनियों का दबदबा खत्म कर चुका है। NPCI डेटा से पता चलता है कि इस वर्ष अगस्त महीने में रुपे कार्ड्स से 4 करोड़ 96 लाख ट्रांजैक्शन के जरिए 62 अरब 90 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। रुपे की सफलता ने मास्टकार्ड जैसी विदेशी दिग्गजों की नींद हराम कर दी। मास्टरकार्ड ने अमेरिकी सरकार से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के अपने पेमेंट नेटवर्क रुपे को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं। 

05.UPI का जलवा
10 साल पहले 1 करोड़ 40 लाख डेबिट कार्ड्स ही थे जो अब बढ़कर 1 अरब तक पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि NPCI का अपना अलग पेमेंट मोड है जिसे UPI के नाम से जाना जाता है। अगस्त महीन में 31 करोड़ 20 लाख बार इस पेमेंट मोड के इस्तेमाल से 5 अरब 42 करोड़ 10 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ था। यानी, इसकी लोकप्रियता बेहद तेज रफ्तार से बढ़ रही है। 

वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त की समाप्ति पर प्राप्त कुल रिटर्न की संख्या 71% बढ़कर 5.42 करोड़ रही। अगस्त 2018 तक दाखिल आयकर रिटर्न की संख्या 5.42 करोड़ है जो 31 अगस्त 2017 में 3.17 करोड़ थी। यह दाखिल रिटर्न की संख्या में 70.86% वृद्धि को दर्शाता है। 

साथ ही साथ  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की माने तो वित्त वर्ष 2017-18 में कर संग्रह बढ़कर रेकॉर्ड 10.03 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया। जिससे देश की आर्थिक स्थिति मे बहुत बड़ा कदम मना जा रहा है। इतना ही नही पीएम मोदी की आर्थिक नीतियों की वजह से आज देश तेजी से नये नये मुकाम छू रहा है। जिससे समूचे विश्व मे बारत का रुतबा ही नही बड़ा है बल्कि भारत की शान भी दोगुनी हुई।


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