चुनावी तपिश और चिल्लपो के बीच लोकतंत्र की जीत वाली तस्वीर

आम चुनाव की तपिश तेज है| इस तपिश मे चुबने वाले नेताओं के बयान लोगों को आहत कर रहे है। लेकिन इस जलती चुबती चुनावी गर्मी मे कुछ पल ऐसे देखे जा रहे है तो आप को शुकून देने के लिये काफी है। या यूँकहे कि हमारे देश का लोकतंत्र किताना व्यापक है ये पता चलता है। चुनावी चिल्लपो के बीच जब देश की रक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण एक एक के दिग्गज नेता और अपनी टिप्पणियों से हमेशा सुर्खियो मे छाये रहने वाले नेता शशि थरूर से मिलने पहुंच गई।

शशि थरूर से सीतारमण अस्पताल जा कर मिली

राजनीति में शिष्टता को दर्शाती यह तस्वीर आईना है उन नेताओं के लिए जो सियासी संघर्ष में बहुत कुछ ताक पर रख देते हैं। जी हां, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में भर्ती शशि थरूर को देखने जब निर्मला सीतारमण पहुंचीं तो लगा कि राजनीति में शिष्टाचार कितना अहम है। गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद सोमवार को एक मंदिर में दर्शन के दौरान घायल हो गए थे। सिर में चोट की वजह से उन्हें करीब 11 टांके लगे। रक्षा मंत्री और बीजेपी नेता निर्मला सीतारमण ने अस्पताल पहुंचकर थरूर का हाल जाना। इसके बाद थरूर ने इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए सीतारमण की तारीफ की।थरूर ने ट्वीट में लिखा, ‘निर्मला सीतारमण का यहां आना दिल को छू गया। केरल में अपने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम के बीच आज सुबह अस्पताल पहुंचकर उन्होंने मेरा हाल जाना। भारतीय राजनीति में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है। उन्हें इसका बेहतरीन उदाहरण पेश करते देखकर बहुत अच्छा लगा।

ये शिष्टाचार ये भी बताता है कि देश का लोकतंत्र कितना महान है। जहां एक विरोधी दूसरे विरोधी का कुशल क्षेम जानने के लिये खुद अस्पताल आता है। निर्मला सीतारमण के इस कदम की सब ने तारीफ की।इस कदर की घटना भारत की सियासत मे खूब देखी जाती है। लेकिन कुछ लोग सियासत मे इस कदर दूषित कर रहे है जिनके कारण भारत के लोकतंत्र पर सवाल खड़े होने लगे है। लेकिन निर्मला सीतामरण ने जिस तरह का उदाहण पेश किया है उससे जरूर देश की सियासत एक अलग तरफ देखी जा सकती है। जहां हर नेता दूसरे नेता का सम्मान करता हुआ दिखाई दे और उस वक्त ही देश मे लोकतंत्र की असल मायने मे जीत होगी।