6 राज्यों में 61,000 किलोमीटर की यात्रा करके, हर शहीद के घर की मिट्टी लेकर पुलवामा पहुंचा एक शख्स

देश की एकता, अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले सीआरपीएफ के 40 शहीदों को उनकी पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित समूचे देश ने पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी है।

लेकिन हम आज आपको बताने जा रहे है एक ऐसे शख्स के बारे में जिन्होंने शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने का काफी अनोखा तरीका अपनाया, जिसें सुनकर शायद आप को भी यकीन न हो पाए। उन्होंने शहीदों को याद करने और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भारत भर में 61000 किलोमीटर लंबी यात्रा की है। महाराष्ट्र निवासी पेशे से गायक उमेश गोपीनाथ जाधव ने जिस भावना और संकल्प के साथ उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है, वह शहीदों की शहादत की तरह ही सबके लिए प्रेरणास्रौत है, उसे जानकर किसी की भी आंखें नम हो जाएंगी। यह शख्स पिछले एक साल से लगातार पूरे देश में घूमा, पुलवामा के प्रत्येक शहीद के घर पहुंचा। उसके गांव-घर की मिट्टी ली और उसे लेकर शहीदों की कर्मभूमि पर पहुंचा। उसकी राष्ट्रभक्ति, शहीदों के मिशन के प्रति उसकी आस्था के मान को बढ़ाते हुए, सीआरपीएफ ने भी शहीद स्मारक स्थल पर उसके द्वारा लायी गई मिट्टी को प्रतिष्ठित किया।

ऐसा करने का ख्याल कैसे आया ?

उमेश गोपीनाथ जाधव 14 फरवरी 2019 को अजमेर से बेंगलुरु लौट रहे थे, तब वह जयपुर के एयरपोर्ट में ही थे वहीं उन्होंने टीवी पर पुलवामा हमले की न्यूज देखी थी। जाधव ने बताया कि हमले की भयावह तस्वीरें देखने के बाद पुलवामा घटना ने उन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि वो कई रात नहीं सो पाए और तब उन्होंने शहीदों के परिवार से मिलने का निश्चय किया। जाधव अकेले ही 9 अप्रैल, 2019 को अपनी गाड़ी लेकर निकल पड़े और 16 राज्यों में 40 शहीदों के परिवार से मिले।

सफर में आई काफी मुशिकलें

उमेश जाधव की ये यात्रा आसान नहीं थे। शहीदों के घर का पता लगाने में उन्हें काफ़ी मेहनत लगी क्योंकि कुछ शहीदों का घर दूर-दराज़ के इलाकों में था। चुनौतियों का सामना करते हुए उमेश अपने सफर में अकेले नहीं थे बल्कि उनके साथ उनकी कार और कार में लिखे देशभक्ति के स्लोगन भी थे। कई बार जाधव अपनी गाड़ी में ही सोए क्योंकि होटल का ख़र्चा नहीं उठा सकते थे।

सफर दुआओं से हुआ पूरा

लेथपोरा में हुए श्रद्धांजलि समारोह में जाधव ने कहा, ‘मुझे फ़क्र है कि मैं पुलवामा शहीदों के परिवार से मिला और उनका आशीर्वाद लिया। माता-पिता ने बेटे खोए, पत्नी ने पति, बच्चों ने पिता खोया, दोस्तों ने दोस्त खोया। मैंने उनके घरों से और अंतिम संस्कार के स्थान से मिट्टी इकट्ठा की है।’

जाधव ने अब यह कलश श्रीनगर के सीआरपीएफ के उन शहीदों की यादें संजोने के लिए वहां सौंप दिया है। जाधव ने इस तरह पुलवामा शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। हर शहीद के घर की मिट्टी लेकर पुलवामा पहुंचा इस शख्स को सलाम तो बनता है।

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