लालकिले की प्राचीर से दिखा नया हिंदुस्तान

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से दिए जाने वाले प्रधानमंत्री के संबोधन का देश के हर नागरिक को इंतजार रहता है। आजाद भारत के लोकतंत्र की परंपरा में यह शुमार हो गया है कि इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री अपनी सरकार की उपलिब्धयों के साथ–साथ भविष्य की चुनौतियों और भावी योजनाओं को रेखांकित करते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन बहुत खास और प्रशंसनीय रहा।

दुश्मन को सख्त लहजे में चेतावनी तो दोस्त बनाने के लिए कोमल दिल का इजहार

इस बार प्रधानमंत्री के संबोधन का दो कारणों से अधिक महत्व था। एक तो भारत कोविड-19 जैसे वैश्विक अदृश्य शत्रु से जूझ रहा है और दूसरा अपने पड़़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान की ओर से पेश की जा रही विस्तारवाद और आतंकवाद जैसी कठिन चुनौतियों का मुकाबला कर रहा है। जाहिर है पूरे देश को इंतजार था कि प्रधानमंत्री इनके बारे में क्या कहेंगेॽ प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इन दोनों चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता को चुनौती देने वाले चीन और पाकिस्तान को कड़़ा संदेश देते हुए कहा कि एलओसी से एलएसी तक देश की संप्रभुता पर आंख उठाने वालों को देश और देश की बहादुर सेना ने मुंहतोड़़ जवाब दिया है। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में चीन और पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इसारा स्पष्ट था। वही पीएम मोदी विदेश नीति की नई इबारत लिखने की बात भी लालकिले से बताई । मोदी ने कहा कि हम अपने पड़ोस के देशों से तो बेहतर संबध चाहते हैं लेकिन इसके साथ साथ जो देश दूर हैं लेकिन भारत का दिल उनसे मिलता है उन दोस्त देशों को भी करीब लाया जायेगा। और दोस्ती की नई इबारत तैयार की जायेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र औऱ किसान को आत्मनिर्भऱ बनाने पर फोकस

देश को एकता के धागे में पिरोते प्रधानमंत्री  के संबोधन की सबसे उल्लेखनीय बात राष्ट्रीय डि़जीटल स्वास्थ्य अभियान की घोषणा थी। भारत जैसे गरीब और पिछड़े़ देश की आबादी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजना की सबसे ज्यादा जरूरत है। इस मिशन के तहत देश के हर नागरिक को एक स्वास्थ्य पहचान मिलेगा‚ जिसमें उसके स्वास्थ्य से संबंधित पूरा ब्योरा दर्ज रहेगा। दूसरी योजनाओं की तरह ये योजना भी अगर भ्रष्टाचार और लालफीताशाही की भेंट नहीं चढ़ती है, तो निश्चित रूप से गरीब और वंचितों की स्वास्थ्य संबंधी सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं। इतना ही नही अपने भाषण से पीएम मोदी ने जिस तरह से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की बात कही उससे तो ये साफ हो गया है कि आने वाले दिनो में सबसे ज्यादा परिवर्तन देश के किसानों के जीवन में देखा जाएगा। क्योंकि उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातर मदद भी कर रही है। खासकर अब किसान देश में कही भी समान बेच सकता है ऐसी योजना से किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा और ये जमीनी हकीकत से कोई मुंह नही मोड़ सकता।

वास्तव में भारत की बुनियादी समस्या स्वास्थ्य‚ शिक्षा‚ पेयजल और भ्रष्टाचार है। प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को इस दिशा में लगातार कदम भी उठा रहे हैं। आलम ये है कि देश में आज 50 लाख से ज्यादा घरों को साफ पानी की सुविधा पहुंचा दी गई है। मतलब सरकार जो प्रण लेती है आज उसे पूरा भी करती है। तभी तो नया भारत अब बातें नही करता बल्कि काम करके दिखाता है।


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