मोदी जी के बांग्लादेश दौर से शुरू हुआ दोस्ती का नया अध्याय

बांग्लादेश के अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी दूसरे दिन मां काली के प्रसिध्द मंदिर जशोरेश्वरी देवी के दर्शन करने गये इसके साथ साथ उन्होने मतुआ समुदाय के मंदिर जाकर दर्शन किया। जो ये बताता है कि पीएम किस तरह से विदेश में भारतीय संस्कृति के जरिये दोस्ती को मजबूत करते है।

जशोरेश्वरी देवी के दरबार में पीएम मोदी

बांग्लादेश में स्थित मां दुर्गा के 51 सिद्धपीठ में से एक जशोरेश्वरी देवी जाकर मां काली के चरणों में नमन किया बल्कि पूरी विधि विधान से पूजा की इस दौरान पीएम मोदी ने खुद बोला कि उन्हे इस मंदिर में दर्सन का मौका मिला इसके लिये वो अपने आपको भाग्यवान बनते है वही उन्होने कहां कि उन्होने मां काली से जग में फैले कोरोना को खत्म करने की प्रर्थाना की है तो इस मंदिर में एक समुदायिक भवन बनाने का भी ऐलान किया। पीएम मोदी का इस मंदिर में दर्शन करने से जहां दोनो देश में एक ये संदेश जा रहा है कि भारत हर पड़ोसी देश के सास्कृतिक तौर पर जुड़ना चाहता है। खासकर साझी विरासत को लेकर और उसकी एक झलक इस यात्रा में साफ देखी भी जा रही है।

मातुआ समुदाय के मंदिर भी गये पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी आज ढाका से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर ओरकांडी जाएंगे जहां मतुआ समाज का सबसे बड़ा धाम है। मतुआ महासंघ के संस्थापक हरिचंद ठाकुर का मंदिर है।वहां दर्शन किया जिसके बाद वो मातुआ समुदाय के लोगो से भी मिले उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश आज दुनिया के सामने विकास और परिवर्तन का एक मजबूत उदाहरण पेश कर रहा है और इन प्रयासों में भारत आपका ‘शोहो जात्री’ है। मुझे विश्वास है श्री श्री हॉरिचान्द देव जी के आशीर्वाद से, श्री श्री गुरुचॉन्द जी की प्रेरणा से हम दोनों देश 21वीं सदी के इस महत्वपूर्ण कालखंड में अपने इन साझा लक्ष्यों को हासिल करेंगे। भारत और बांग्लादेश प्रगति और प्रेम के पथ पर दुनिया का पथ प्रदर्शन करते रहेंगे।’

हालाकि पीएम मोदी की इस यात्रा को लेकर देश में कुछ लोग सवाल खड़ा कर रहे है और इसे बिहार चुनाव से जोड़ कर देख रह है जबकि ऐसा कुछ नही है ये उन लोगो की मानसिक दिवालियापन है जो मोदी जी के हर काम में बस खोट ही निकाला करते है।