आम बजट में यथार्थ का एहसास भी और विकास का विश्वास भी – मोदी 

कोरोना महामारी के चलते समूची दुनिया की आर्थिक हालात खराब चल रही है। ऐसे में भारत भी इससे अछूता नही रह सकता था लेकिन जिस तरह से भारत ने इससे उभरने की रणनीति बनाई उसका असर दिखने लगा कि दूसरे देशों की अपेक्षा हम तेजी से खड़े हो पा रहे है जिसे आम बजट और स्पीड देने वाला है। इस बाबत खुद पीएम मोदी ने बोला कि ये एक सधा बजट है जिसमे आम आदमी पर कोई बोझ नही डाला गया है।

आम आदमी पर नही पड़ेगा बोझ

पीएम मोदी ने साल 2021 के बजट पर बयान देते हुए कहा कि ये बजट असाधारण परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है। इसमें यथार्थ का एहसास भी और विकास का विश्वास भी है। साथ ही आत्‍मनिर्भर भारत की संकल्‍पना बजट की नींव है। पीएम ने कहा कि बजट से पहले जानकार लोग बोल रहे थे कि कोरोना काल के चलते टैक्स लगाया जा सकता है लेकिन इस बजट से आम आदमी पर कोई बोझ नहीं बढ़ा। इसके साथ साथ देश के दक्षिण राज्य हो या ईस्ट के राज्य हर जगह विकास के कामो को गति दी गई है जिससे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो। बजट से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। बजट में गांव और किसान पर फोकस किया गया। किसानों की आय दोगुनी होगी। महिलाओं पर बजट में विशेष ध्‍यान दिया गया।

मोदी सरकार का सधा हुआ बजट

वैसे जिस तरह का बजट मोदी सरकार ने संसद में पेश किया है उसके बाद तारीफ तो उनकी बनती है। क्योकि बजट में देश की विकास की रफ्तार कम न हो इसका एक ओर ध्यान दिया गया है तो दूसरी तरफ बिना देश की जनता पर टैक्स का भार डाले आय बढ़ाने की कोशिश भी देखी गई है। खासकर जिस तरह से सड़क मार्ग की परियोजना के तहत देश को एक दूसरे से जुड़ने की कोशिश की गई है वो एक अच्छा कदम है। वैसे इस बजट में कुछ बोल रहे है कि किसानों के लिये कुछ खास नही है लेकिन अगर वो बजट को गहराई से देखे तो किसानों की आय बढ़ाने के लिये ठोस कदम उठाये गये है।  जो लोग अपने घर का सपना देखते है उनके सपनों को हकीकत में बदलने का पूरा मौका दिया गया है जो इस बजट को बेहतर बनाती है।

फिलहाल हाल में इतना सधा हुआ बजट देखने को कम ही मिला है। लेकिन इसका असर कैसा रहेगा ये तो आने वाले वक्त में पता चलेगा।