एक फैसला जिसने सात संमदर दूर बैठे खालिस्तानियों के मंसूबे पर डाला पानी

जो लोग सोचते है कि सिख समुदाय पीएम मोदी से खफा है तो वो ये समझ ले कि ऐसा बिलकुल नहीं है। हां ये जरूर है कि अभी भी कुछ भ्रमित सिख समुदाय के लोग पीएम मोदी के खिलाफ बयान बाजी करते रहते है लेकिन ज्यादातर सिख समुदाय ये समझ चुका है कि पीएम मोदी ने जो सम्मान उन्हे दिया है वो किसी ने भी नहीं दिया है जिसके चलते अब ब्रिटेन में भी पीएम मोदी के साथ वो संगठन हो गये है जो पहले खालिस्तानियों के समर्थन में देश के विरोध में आवाज लगाने लगे थे।

पीएम मोदी के एक फैसले ने सिखों का जीता दिल

यूनाइटेड किंगडम में सिख समुदाय ने भारत विरोधी अपने अभियान के खिलाफ पीछे हटना शुरू कर दिया है। इस अभियान का नेतृत्व खालिस्तानियों  द्वारा किया जा रहा है। इसने पिछले कुछ महीनों में यूके में कई विरोध मार्च आयोजित किए थे। सिख समुदाय  के नेता, साउथ हॉल के पार्क एवेन्यू  में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में एकत्रित हुए। उन्होंने समुदाय के लिए कई कार्य करने और गलतफहमियों को दूर करने के लिए पीएम मोदी  और उनकी सरकार को धन्यवाद देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। सिख समुदाय के नेताओं ने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में घोषित करने और इसे सार्वजनिक अवकाश बनाने के लिए भी पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। प्रस्ताव के पारित होने को यूके में स्थानीय समुदाय द्वारा एक साहसिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। सिख समुदाय ने भारत विरोधी गतिविधियों का प्रचार करने वाले मुट्ठी भर खालिस्तानियों का सामना नहीं करने का फैसला भी किया है। दरअसल पीएम मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह की 365 वीं जयंती के अवसर पर घोषणा की थी कि 2022 से 26 दिसंबर को ‘वीर बल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों की बहादुरी और शहादत को श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सिख गुरुओं द्वारा किए गए योगदान की सराहना भी की थी। जिसके बाद पहले देश के सिख समुदाय ने पीएम मोदी की इस घोषणा की सराहना थी और अब विदेश में भी पीएम मोदी को इसका जोरदार स्वागत किया जा रहा है।

wave of happiness in the Sikh community on swaroop-of-sri-guru-granth-sahib  from Afghanistan SPUP | अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों को  लाए जाने पर सिख समुदाय में खुशी की ...

देश तोड़ने वालों की साजिश पर कसी नकेल

वैसे भी पीएम मोदी कई बार गुरूद्वारों में पहुंचकर अरदास करते हुए देखे गये है। सत्ता में आने के तुरंत बाद सिखों पर 84 दंगों में हुई बर्बर्ता के खिलाफ उन्होने सख्त कदम उठाते हुए आयोग बनाया तो दूसरी तरफ करतारपुर साहिब जाने के लिये निर्माण करवाकर सदियों पुरानी मांग को पूरा किया। इसी तरह पीएम मोदी ने अफगानिस्तान में रहने वाले सिख समुदाय की हर तरह मदद की। इसके बावजूद भी कुछ लोग मोदी को सिख विरोधी बता रहे थे लेकिन अब जिस तरह से सिख समुदाय का साथ पीएम मोदी को मिलना शुरू हुआ है इससे दुश्मन मुल्क का सपना पंजाब को अलग करने का टूट गया होगा।

पीएम मोदी का एक फैसला किस तरह दिल से नफरत मिटाती है ये अब आपको पता चल गया होगा लेकिन ये भी जान लीजिये की पीएम मोदी के लिए देश हर व्यक्ति उनका परिवार है और वो परिवार के लिये हर तरह के फैसले लेने के लिये तैयार रहते हैं। बस उस फैसले से देश का विकास हो और एकता बनी रहे।