आजादी के 71 साल बाद अब बदल रही हैं गांवों की सूरत

आजादी के बाद से ही हमारे गांव का विकास उस रफ्तार में नही हुआ। जिसका सपना आजादी के मतवाले देखते थे लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद जरूर अब देश के गांव भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं और उनकी सूरत बदल रही हैं।

सड़कों के निर्माण में आई तेजी

आजादी के बाद से ही गांवों को बड़े शहरों से जोड़ने के लिये सड़कों का निर्माण करने के लिये बड़ी बड़ी योजनाए बनाई गई और ऐसा नही कि इस बाबत काम नही किया गया लेकिन अगर इसमे तेजी दिखी तो वो मोदी सरकार के दौर में ज्यादा पीछे न जाकर अगर यूपीए और मोदी सराकर की तुलना की जाये तो जहां मनमोहन सरकार के वक्त 2014 तक 56 फीसदी ही काम हुआ था तो मोदी सरकार के आने के बाद प्रधानमंत्री ग्रमीण सड़क योजना के तहत 82 फीसदी काम किया गया हैं और 1.69 लाख किमी सड़कों का निर्माण किया गया हैं । इसमें दुर्गम पहाडियों मे बसे गांव के साथ साथ नक्सल प्रभावित गांव भी शामिल हैं। जहां आजादी के बाद तक कोई नही पहुंचा था।

 

बिजली पहुंचाने का काम हुआ पूरा

आज जब हम आजादी की 71वीं सालगिरा मना रहे हैं। तो वो गांव  भी जगमा रहे हैं  जिन गांवों में मोदी सरकार ने बिजली पहुंचाई हैं देश के 1800 ऐसे गांव थे जहां आजादी के 70 साल के बाद भी बिजली नही पहुंची थी और वो आजाद भारत में  बिजली न होने के कारण देश के दूसरे हिस्सो से कटे से ही रहते थे लेकिन आज विकास की रौशनी उनके घर में भी जल रही हैं और वो भी अपने आप को  देश की मुख्य धारा से जुड़े हुए महसूस कर रहे हैं।

हाईटेक होते गांव इंटरनेट की सुविधा बढ़ी

अब इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि मनमोहन सरकार के वक्त जहां ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क महज 360 किमी तक ही फैला था तो वही मोदी सरकार के वक्त ये 2.85 किमी तक फैल गया हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की बात करे तो मनमोहन सरकार के वक्त ये मात्र 59 गांव तक ही सीमित थी। तो अब ये बढ़कर 1.18 लाख पंचायतों तक पहुंच गई है। मतलब साफ हैं कि आज के गांव पूरी तरह से हाईटेक हो रहे हैं।

 किसानों की आर्थिक स्थति में अभूतपूर्व सुधार

आजादी के बाद से ही किसानों की आर्थिक स्थिति की बात करे तो उसमे तेजी के साथ उसमे सुधार नही देखा जा रहा था, जितना मोदी सरकार के आने के बाद दिख रहा हैं। खुद मोदी सरकार ने 2022तक किसानं की आय को दोगुना करने का संकल्प भी लिया है। इसके लिये किसानों के लिये कई योजना भी लाई गई है तो न्यू इंडिया के किसानों के कल्याण के लिये रिकार्ड बजट का भी आवंटन किया गया है। मनमोहन सरकार में जहां किसानों के लिये 121 करोड़ के करीब का बजट रखा गया था तो मोदी सरकार ने 211 करोड़ से ज्यादा का बजट रखा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो रही है।

 

 

जिस तरह से किसानों के लिये काम मोदी सरकार कर रही हैं। ऐसे में हम आशा यही करते हैं कि जब हम आजादी के 75वीं साल गिरा मना रहे होंगे तो हमारे गांव भी विकास की नई इबारत लिख रहें होगें और हमारा अन्नदाता भी ।