संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की सदस्यता को लेकर 55 देशों ने किया भारत का समर्थन

55 countries have supported India's membership | PC - Google

PM मोदी के कार्यकाल में भारत का रुतबा दिन प्रतिदिन नयी ऊँचाइयों को छू रहा है| सफलता के इस क्रम में भारत को वैश्विक स्तर पर एक और कुटनीतिक जीत हासिल हुई है| संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) में भारत को अस्थायी सदस्य बनाने के लिए अब कुल 55 देशों का समर्थन मिल गया है|

आपको बता दें कि यह चुनाव अगले साल जून में हो सकता है और अगर भारत को इसमें जीत प्राप्त हुई तो अगले दो सालों के लिए भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बन जाएगा|

क्या होता है UNSC का स्थायी सदस्य का चुनाव?

UN Security Council membership | PC - Google

UNSC के जनरल असेंबली में सभी 193 सदस्य देश मिलकर हर साल पांच अस्थायई सदस्यों का चयन करते हैं, जबकि कुल अस्थाीई सदस्यों की संख्या 10 होती है| हर साल इन सदस्यों में से पांच सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो जाता है| वर्तमान में यूएनएससी के पांच स्थाोई सदस्य हैं जिनमे चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट शामिल हैं| UNSC का स्थायी सदस्य बनने से भारत को सुरक्षा के नजरिये से एक नयी पहचान और मजबूती मिलेगी|

2021-2022 के लिए होगा यूएनएससी के सदस्य का चुनाव

संयुक्त राष्ट्र से मिली जानकारी के मुताबिक 2021-2022 के लिए चुनाव अगले साल जून में हो सकते हैं, यह चयन दो साल के लिए होगा| इस चुनाव के लिए कुल 15 देशों ने अपनी अपनी दावेदारी पेश की है जिनमे से किन्ही पांच को चुना जायेगा|

बुधवार की सुबह यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट के जरिये उन देशों का जिन्होंने भारत की सदस्यता को समर्थन दिया है, अभिवादन व्यक्त करते हुए कहा, “सर्वसम्मति से एक बड़ा कदम उठाया गया है| सभी एशिया-पैसिफिक समूह के देशों ने भारत को यूएनएससी में अस्थाई सदस्य बनाने की दावेदारी का समर्थन कर दिया है| सभी 55 देशों का भारत धन्यवाद करता है|”

इन देशों ने किया है भारत का समर्थन

UNSC में भारत को स्थायी सदस्य बनाने के लिए समर्थन करने वाले 55 देशों में प्रमुख तौर पर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, यूएई और वियतनाम आदि शामिल हैं|

पर सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि पाकिस्तान और चीन जैसे देश जिनके सम्बन्ध भारत से अच्छे नहीं, उन्होंने भी भारत की सदस्यता को सहमति दी है|

पहले भी भारत रह चूका है UNSC का अस्थायी सदस्य

भारत पहले भी UNSC का सात बार अस्थायी सदस्य चुना जा चूका है, और अगर इस बार 2021 में भारत फिर से चुना गया तो ऐसा आठवीं बार होगा| इससे पहले भारत 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और अखिरी बार 2011-2012 में यूएनएससी का अस्थाई सदस्य बना था|