5300 परिवारों को मिलेगी 5.50 लाख रूपए की सहायता

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5300 families to get assistance of Rs. 5.50 lakhs

बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले हुए हैं। केंद्र सरकार ने पीओके से विस्थापित 5300 परिवारों के पुनर्वास के लिए 5.5 लाख रूपए मुआवजा देने का फैसला किया है । दिवाली से पहले ये मोदी सरकार की इन परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी खुश करने वाली खबर है । पीओके से आने के बाद यह परिवार शुरू में जम्मू-कश्मीर से बाहर जाकर बस गए थे लेकिन बाद में राज्य लौट आये थे । बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा की इन परिवारों के साथ हुई ऐतिहासिक गलती सुधारने के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है, इससे विस्थापित परिवारों को न्याय मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में पीओके के उन परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज के घोषणा की थी, जो बंटवारे के बाद अलग-अलग समय पर जम्मू-कश्मीर में आकर बस गए थे। जम्मू-कश्मीर में बसे 36,384 परिवारों को यह मुआवजा मिल चूका है। शुरुआत में जम्मू राज्य से बाहर रहने के कारण ये 5300 परिवार इस पैकेज से छूट गए थे, जो अब इनके वापस जम्मू में आकर बसने के बाद पुनः इन्हें इस पैकेज में शामिल किया गया है।

बता दे की मोदी सरकार ने 7 नवंबर 2015 को 1,080 करोड़ रुपये की लागत से कश्मीरी प्रवासियों के लिए राज्य सरकार की 3,000 अतिरिक्त नौकरियां सृजित करने और 920 करोड़ रुपये की लागत से कश्मीर घाटी में 6,000 ट्रांजिट आवासों के निर्माण का अनुमोदन प्रदान किया था।

इसके अलावा कल कैबिनेट बैठक में दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 फीसदी बढोत्तरी का फैसला किया गया है। ये बढोत्तरी इसी साल एक जुलाई से लागू हो गई है। मोदी सरकार के इस फैसले से 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 62 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। सरकार के इस फैसले से सरकारी खज़ाने पर 16 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा। गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 9 फीसदी से 12 फीसदी किया था।

गौरतलब है की जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और पुनर्गठन से बौखलाए पाकिस्तान को कहीं से कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है। यहाँ तक पाकिस्तान का ऑल वेदर फ्रेंड चीन भी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। चीन ने भी दोनों से अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मसले को द्विपक्षीय तरीके से हल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले का समर्थन दुनिया भर में किया जा रहा है। अमेरिका, रूस, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, इजरायल समेत विश्व के तमाम छोटे बड़े देश इसे भारत के अंदरूनी मामला बताकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हैं और उनके साहसिक फैसले की सराहना कर रहे हैं।

 


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