36 घंटे 5 हजार किमी का सफर: कुछ यूं कड़ी मेहनत करते पीएम मोदी

आखिर पीएम मोदी और उनकी टीम हर चुनाव में जीत का पताका कैसे फहराते हैं, ये सवाल सबके मन में उठता है। लेकिन इसके पीछे उनका घोर मेहनत शायद किसी को नही दिखती है। 70 साल की उम्र में आज पीएम मोदी जितनी मेहनत करते है शायद ही किसी पार्टी का कोई दूसरा सदस्य करता होगा। अब 5 राज्यों के चुनाव में ही देख लीजिये पीएम मोदी 36 घंटों में करीब 5 हजार किलोमीटर का सफर करके अपनी पार्टी का प्रचार करने में लगे है वो भी पूरी ऊर्जा के साथ।

परिश्रम की पराकाष्ठा

पीएम मोदी से कई बार ये सवाल पूछा गया है कि आपकी में इतनी ऊर्जा कहां से आती है। जिसका वो जवाब दे चुके है कि जब जनता का प्यार उनके लिये उमड़ता है तो उनमे काम करने की ऊर्जा पहले से ज्यादा बढ़ जाती है। इसकी एक मिसाल 5 राज्यो में हो रहे चुनाव में भी साफ तौर पर देखी जा रही है। जहां पीएम मोदी अभी तक एक दर्जन से ज्यादा रैली कर चुके है तो अब वो फुल स्पीड में प्रचार में जुट चुके है। जिसके तहत महज 36 घंटो में पीएम मोदी ने 5 हजार किलोमीटर का सफर तय करके अपनी पार्टी का प्रचार किया और अपने लोगों के लिये वोट मांगे। पीएम मोदी ने सबसे पहले असम में रैली की फिर वो बंगाल में दो रैली करने के बाद तमिलनाडू के मदुरई शहर गये जहां उन्होने महालक्ष्मी मंदिर जाकर दर्शन किये। जो ये बताता है कि मोदी जी जितना देश केहित के लिये काम को लेकर सवेंदनशील रहते है ठीक उसी तरह से वो पार्टी के लिये भी काम करते है जो आने वाले युवा नेताओं के लिये एक आदर्श स्थापित करता है।

21 साल से पीएम मोदी ने नहीं लिया अवकाश

इतना ही नहीं हमारे प्रधानसेवक ने पिछले 21 साल कोई भी अवकाश नही लिया है खुद पीएम मोदी ने इस बात को अपने युवा नेताओं के सामने रखा था और बोला था कि गुजरात सीएम बनने के बाद से अब तक एक भी अवकाश नही लिया है इतना ही नही पीएम मोदी देर रात तक काम करने के बाद सुबह फिर से ज्लदी उठकर काम में लग जाते है ये बात भी जग जाहिर है। पीएम मोदी के काम को लेकर इस भावना के कायल खुद उनके कई विरोधी भी है। मोदी जी की कार्यशाली को लेकर देश के दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बोल चुके है कि वर्तमान में मोदी जी जैसा कार्य करने वाला नेता कोई और नही है और इस बात को उन्होने 2014 के चुनाव में दिखा भी दिया था। ऐसे में अगर पीएम मोदी को पछाड़ना है तो उनसे ज्यादा मेहनत करना होगा जो शायद आज विपक्ष के किसी भी नेता में नही दिखाई देता है।

फिलहाल नतीजे तो 2 मई को आयेंगे लेकिन जिस तरह से मोदी जी एक दिन में तीन या चार रैली कर रहे है उससे यही लगता है कि सच में मोदी जी से टक्कर लेने वाला नेता अभी दूर दूर तक कोई नही है।

 

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