मोदी सरकार में अवैध घुसपैठ में गिरावट, 21 हजार बांग्लादेशी भेजे गए वापस

मोदी सरकार भारत से सटे हुए देशों के घुसपैठ के मामलों पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से घुसपैठ के मामलों में बड़ी गिरावट भी आई है। मोदी सरकार के कार्यकाल में 21 हजार से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजा गया है।

पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली में भी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स के तहत ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करने की मांग उठती रही है। देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या से सचेत होकर मोदी सरकार ने म्यांमार से अवैध तरीके से भारत में घुस आए रोहिंग्याओं पर भी सख्त रवैया अपनाया है। मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से लेकर असम तक पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी 2400 किलोमीटर की भारतीय सीमा को पूरी तरह से सुरक्षित करने की योजना बना रहा है । भारत स्मार्ट फेंसिंग का उपयोग करके अपनी सीमा को पूरी तरह से सुरक्षित करना चाहता है। इजरायल अपनी सीमांओं की सुरक्षा के लिए ऐसे फेंस का उपयोग करने में माहिर रहा है और भारत की ये परियोजना भी उसी की तर्ज पर सुरक्षित करने का है।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया आंकड़ा

MoS Home Nityanand Rai spends night with BSF troops

मोदी सरकार ने बांग्लादेश से हो रहे घुसपैठ को रोकने के साथ-साथ बड़ी संख्या में घुसपैठियों को बांग्लादेश में वापस भेजने में सफल रही है। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में पिछले पांच साल में घुसपैठियों के पकड़े जाने और उन्हें वापस भेजने के आंकड़े पेश किये। नित्यानंद राय के अनुसार बांग्लादेश सीमा से घुसपैठ को कम करने के लिए बहुआयामी उपाय किये हैं, जिसके कारण घुसपैठ में कमी आ रही है।

लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जो आंकड़े पेश किए उसके अनुसार 2015 से 2019 तक पांच सालों में कुल 9,145 घुसपैठियों को पकड़ा गया और 21,348 घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेज दिया गया। वहीं साल 2015 में कुल 3426 घुसपैठियों को गिरफ्तार और 5930 घुसपैठियों को वापस भेज दिया गया।

घुसपैठ रोकने के लिए सरकार द्वारा किये गए उपाय

नित्यानंद राय के अनुसार सरकार द्वारा घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा की निगरानी की बहुस्तरीय व बहुआयामी पद्धति अपनाने के कारण यह सफलता मिली है।

इसके तहत सीमा पर होने वाली हरकतों की 24 घंटे के निगरानी के साथ-साथ लगातार पेट्रोलिंग शामिल है। इस दौरान सीमा पर निगरानी पोस्ट की संख्या बढ़ाई गई है, साथ ही रात में घुसपैठ की आशंका वाले स्थानों पर फ्लड लाइट भी लगाए जा रहे हैं। वहीं राज्य सरकारों के सहयोग से खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया गया है। जिन-जिन स्थानों पर बाड़ लगाना संभव नहीं है, वहां सेंसर लगाने के साथ-साथ नाइट विजन कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रडार की भी मदद ली जा रही है।