वेल्लोर में मृतप्राय नदी को बचाने में जुटी 20,000 महिलाएं

20,000 women engaged in the rescue in Vellore

जल संरक्षण और सुखी हुई नदियों को पुनार्जीवित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में हो रहा है| वेल्लोर जो तमिलनाडु के 24 सुखा ग्रस्त जिलों में से एक है, वहां 15 सालों से सुखी पड़ी नगनाधी नदी को 20,000 महिलाओं ने मिलकर फिर से जिंदा कर दिया|

नगनाधी नदी कभी इस क्षेत्र में पानी का प्राथमिक स्रोत हुआ करता था लेकिन घटते भूमि जलस्तर और अनियमित वर्षा के चलते ये नदी सुख चुकी थी| महिलाओं ने नदी के आस-पास के क्षेत्रों में कुआं खोदकर, चेक डैम बनाकर, और बोल्डर चेक का उपयोग कर वर्षा जल को संरक्षित करने की कोशिश की|

पिछले एक दसक में वेल्लोर के इस क्षेत्र ने भीषण पलायन देखा| सूखाग्रस्त होने की वजह से रोजगार के अवसरों की कमी और मरती हुई खेती के चलते अधिकांशतः पुरुषों का पलायन हुआ और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर महिलाएं ही बच गयी|

आर्ट ऑफ़ लिविंग के वाटर प्रोजेक्ट्स की टीम ने जब नगनाधी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सर्वे किया तो उन्होंने इन्ही महिलाओं की शक्ति को बढ़ावा दिया| उनके सहयोग से इस कार्य को भारत सरकार की MGNREGA योजना के अंतर्गत पूरा किया गया|

करीब चार साल पहले शुरू हुए इस मुहीम ने अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है| जहाँ देश के बाकि के सूखाग्रस्त हिस्से अभी भी पानी की बूँद बूँद को तरस रहे हैं, वहीँ इस इलाके में और आस-पास के क्षेत्रों में लोगों को पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्र में पानी उपलब्ध है|

इतना ही नहीं अब इस क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर भी हैं| अपनी और अपने बच्चों को हर जरुरत के लिए अब उन्हें पति के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता, वो खुद अब अपनी जरूरतों को पूरा करने में समर्थ हैं|