20 लाख करोड़, भारत नवनिर्माण की ओर 

छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी नये दौर में लिखेंगे हम मिलकर नई कहानी.. हम हिंदुस्तानी.. आप सोच रहे होंगे कि हम कोरोना संकट के बीच में ये गाना आपको क्यों सुना रहे हैं, तो जनाब साफ करते देते हैं कि ये गाना उस दौर में गाया गया था जब भारत का नवनिर्माण हो रहा था। ठीक आज के वक्त का माहौल भी कुछ इसी तरह का है जिसमें कोरोना संकट के बीच में ही हमें आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, मजबूत भारत का निर्माण करना है, इसलिये पीएम मोदी ने जो पैकेज कोरोना संकट के वक्त घोषित किया है वो सिर्फ महामारी से निपटने का पैकेज नही बल्कि नवभारत निर्माण का पैकेज है।

कोरोना संकट के बीच नये भारत का खाका

वैसे हम सबको इसके लिये तैयार रहना चाहिये कि आने वाले वक्त में हमे कोरोना के बीच में ही रहना है। ऐसे में दुनिया में एक बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। खासकर आर्थिक सेक्टर में लोगों के काम करने के तरीके बदलेंगे । इसी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रूपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। लेकिन इसके साथ उन्होंने आत्मनिर्भर बनने पर भी जोर दिया है जो ये संकेत देता है कि देश के 130 करोड़ लोगों को इसके लिये आगे आना होगा। मतलब अब बात रिफ़ार्म के साथ-साथ परफार्म की भी होगी। इसीलिये सरकार ने सबसे पहले देश के मझोले कारोबारियों को राहत पहुंचाई फिर प्रवासी मजदूर ,किसान और रेहड़ी पटरी वालों के लिए नये कल का निर्माण इन पैसों से कैसे किया जायेगा इसको विस्तार से सबको बताया। जिससे ये साफ होता है कि इन पैसों से सिर्फ लोगों को रहात नही बल्कि आने वाले दिनो में अपने आप को सक्षम बनाने के लिये खर्च किया जायेगा। जिससे देश में नये नये बिजनेस बढ़ें और आने वाले दिनों में उत्पादनो में भारत नये आयाम को छू सके। इसकी शुरूआत भी हो चुकी है। आप ने खुद देखा कि वक्त कि मांग को लेकर हमारे हौंसलों की उड़ान ने वो कर दिखाया जो पहले हम सोचते नही थे। जिसका उदाहरण पीपीई किट है तो देश में बन रहे वेंटिलेटर हैं जिनको लेकर भारत आत्मनिर्भर हो गया है।

मोदी जी की दूर की सोच पर सवाल उठाना गलत

पहले देखा जाता था कि कोई आपदा आती थी तो बस आपदा से राहत के लिये कदम उठाये जाते थे, उसके लिये आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाती थी। शायद इसी क्रम में आज कुछ लोग मोदी जी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं और ये कह रहे हैं कि ईस पैकेज में किसी के लिये कुछ नही है। लेकिन ऐसा नही है। मोदी जी आज के साथ कल को मजबूत करने के लिये ये पैकेज लाये हैं। छोटा सा उदाहरण ले लीजिये जिस तरह से किसानों के लिये मोदी जी ने 3000 करोड़ का फंड रखा है उससे उनकी जिंदगी में कई बदलाव आने वाले दिनो में आप साफ तौर पर देख सकेंगे। ढ़ाई करोड़ छोटे किसानों को क्रेडिट कार्ड दिये गये हैं जिससे उन्हें आज खेती करने में आसानी हो रही है।  वही फसल के दामों में बढ़ोत्तरी की है. उससे तो यही लगता है कि किसानों की आय आज को देखते हुए  दोगुनी होने में अब कम वक्त लगेगा। प्रवासी मजदूरों के लिये किराय के मकान बनाने की जो योजना इस पैकेज के तहत लाई गई है। इससे एक तरफ शहर में न तो अतिक्रमण होगा दूसरा गरीब प्रवासी मज़दूरों को सस्ते में मकान मिल सकेंगे जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी। इसी तरह रेहडी पटरी वालों को अब जहां पर है वही रोजगार खोलने के लिये पैसे की मदद मिलेगी। ये सब इन लोगों को आत्मनिर्भर बनायेगी जिससे देश भी आत्मनिर्भर बनेगा। नये करोबार देश में स्थापित होंगे। न कि सिर्फ पैसा देकर लोगो को खर्च करके स्वाहा किया जा रहा है। इसी को तो दूर की सोच कहा जाता है कि मदद के साथ साथ देश का उत्थान तो होगा ही भारत विश्व में मजबूत भी होगा।

शायद इसी के चलते पीएम मोदी ने दूर की सोच के साथ राहत पैकेज का ऐलान किया है और इसी खर्च करने से कैसे देश के आम लोगों का जीवन सुधरे केवल संकट के वक्त नही संकट के बाद भी वो इसका फायदा उठा सकें ये सोचकर कदम बढ़ाया जा रहा है। जो देश को नये युग में ले जायेगा साथ ही एक ऐसा भारत बनायेगा जो आत्मनिर्भर भी होगा और नये हौंसलों से भरा भी।