तीसरी लहर से पहले 1500 ऑक्सीजन प्लांट हो तैयार – पीएम मोदी 

कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेते हुए तीसरी लहर आने से पहले कोई तैयारी अधूरी ना रह जाये और कोरोना से ज्यादा बेहतर तरीके से निपटा जाये इस बाबात लगातार केंद्र सरकार काम करने में तेज स्पीड से जुटी है। इसी क्रम में खुद पीएम मोदी ने ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर हाईलेवल मीटिंग की। इस बैठक में पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पीएम केयर्स फंड की मदद से देश भर में स्थापित किए जाने वाले ऑक्सीजन प्लांट का जल्द से जल्द क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया।

1500 से अधिक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट जल्द हो तैयार

इस बैठक में मोदी को पीएसए चिकित्सीय ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना संबंधी प्रगति से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि देश भर में 1500 से अधिक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जा रही है। इनमें पीएम केयर्स से आवंटित संयंत्रों के अलावा विभिन्न मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की ओर से आवंटित संयंत्र भी शामिल हैं।इसके साथ साथ चार लाख से अधिक, ऑक्सीजन वाले बिस्तरों को इसका लाभ मिलेगा। खुद पीएम मोदी ने  अधिकारियों को ऑक्सीजन प्लांट के संचालन व रखरखाव के लिए अस्पताल के कर्मचारियों की उचित ट्रेनिंद प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में प्रशिक्षित कर्मी उपलब्ध होने चाहिए।

8000 से अधिक लोगों को दी जाएगी ट्रेनिंग

इस बैठक में ये भी साफ किया गया कि आने वाले समय में कोरोना से निपटने के लिये विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण संबंधी एक खाका तैयार किया गया है और उनके जरिए देशभर में 8000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने इन ऑक्सीजन संयंत्रों की कार्यप्रणाली और उनके प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। गौरतलब है कि  कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान इस साल अप्रैल-मई के महीने में ऑक्सीजन की मांग में अचानक तेजी आ गई थी। इसके मद्देनजर देश के कई राज्यों में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की कमी के मामले भी सामने आए थे। इसके बाद से सरकार की ओर से ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने और उसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

जनता से सावधानी बरतने की अपील

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण अभी कम नहीं हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों के कोविड-19 के नियमों का पालन न करने पर चिंता जताई है। पीएम मोदी ने कहा कि लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एक छोटी सी गलती के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। इससे कोरोना महामारी से लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार के एक दिन बाद कैब‍िनेट के सदस्यों से बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि महामारी के ख‍िलाफ भारत की लड़ाई पूरे जोर-शोर से जारी है। टीकाकरण अभियान और जांच की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को लापरवाही न बरतने की सलाह दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल के महीनों में संक्रमण के जितने मामले सामने आ रहे थे अब उससे कम देखने को मिल रहे हैं लेकिन लोगों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। सभी को याद रखना चाहिए कि कोविड-19 का खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है। कई अन्य देशों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। वायरस में म्यूटेशन भी हो रहा है।

 

उधर जहां कोरोना की रोकथाम के लिये पीएम मोदी हर दिन नई रणनीति बनाने के लिये बैठक कर रहे है तो पैसे की कमी ना आये इसके लिये आर्थिक पैकेज भी दे रहे है। तो अब उन्होने लोगों से जागरूक रहने की अपील भी की है। कैबिनेट की बैठक में पीएम ने साफ किया कि कोरोना कम हुआ है लेकिन खत्म नहीं ऐसे में लोगो को जागरूक करने की जिम्मेदारी हमारी बनती है। इसके लिये तेजी से काम करना होगा। ऐसे में हम तो यही बोलेंगे की दूसरी लहर का कहर सब ने देखा है तो फिर क्यो हम सावधानी नहीं रख रहे। लेकिन दोस्तों ध्यान रखना सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी इसलिये जागरूक हो और कोरोना से दूसरो को जागरूक करे।

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