सालों से बंद पड़े है पाकिस्तान में 1100 मंदिर और 500 गुरूद्वारे,और धर्म के नाम पर लोगो को बाँटने का इलज़ाम भारत पर लगा रहे

1100 temples and 500 gurdwaras have been closed in Pakistan for years

आज से नहीं, न जाने पिछले कई सालों से पाकिस्तान हमेशा ही भारत पर ये इल्जाम लगता आया है की हमारे देश में धर्म के नाम पर लोगो को सताया जाता है | पाकिस्तान ने कश्मीर के आवाम को भी हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर ही भड़काने का काम किया है और देश और सेना के खिलाफ करने की कोशिश की है | पर आज हम आपको पाकिस्तान की असलियत से रूबरू करवाने जा रहे है और इसके बाद आप ये भी जान जायेंगे की धर्म के नाम पर लोगों को भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान सता रहा है |

सिन्धु, सरस्वती और गंगा ये वो तीन पवित्र नदियाँ है जिसके किनारे उत्तर भारत की शुरुआत हुई | हालांकि हिंदुस्तान-पाकिस्तान बंटवारे के बाद सिन्धु नदी का 70 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान के भाग में चला गया और इसके साथ ही वो हजारों हिन्दू धर्म के मंदिर और गुरूद्वारे भी पाकिस्तान के हिस्से में चले गए | पाकिस्तान में इतनी बड़ी संख्या में मंदिरों का होना ये साबित करता है प्राचीन काल के एक समय पर पाकिस्तान की भूमि आर्यों की भूमि हुआ करती थी |

पर परेशानी की बात ये है की पाकिस्तान में मौजूद इन मंदिरों की हालत दयनीय है | बंटवारे के बाद से पाकिस्तान में मौजूद लगभग सारे मंदिर बंद पड़े हुए है, न तो इन मंदिरों के कपट खुलते है और न ही यहाँ पर कोई पूजा-अर्चना होती है | आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में लगभग 1130 मंदिर है जिनमे से सिर्फ 30 ही मंदिर ऐसे है जिनके कपट खुलते है और भगवन की पूजा की जाती है | अगर गुरूद्वारे की बात करे तो पाकिस्तान में लगभग 517 गुरूद्वारे है जिनमे से सिर्फ 17 ऐसे गुरूद्वारे है जो चल रहे है बाकि के 500 गुरुद्वारा को बंद कर के रखा गया है |

चलिए आपको पाकिस्तान के सियालकोट में स्थित एक मंदिर के बारे में बताते है जिसे कितने प्रयासों के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा खोला गया है| इस मंदिर का नाम है शिवाला तेजा सिंह मंदिर | बता दे की मशहूर इतिहासकार रशीद नियाज़ के द्वारा लिखी किताब ‘हिस्ट्री ऑफ़ सियालकोट’ के मुताबिक ये मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है जिसे बाबरी मस्जिद के गिराए जाने पर आंशिक रूप से क्षतीग्रस्त कर दिया गया था | बता दे की ये एकलौता मंदिर नहीं है पाकिस्तान में जिसे नुकसान पहुँचाया गया था बल्कि बाबरी मस्जिस्द गिराए जाने पर पाकिस्तान में मौजूद कई मंदिरों और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुँचाया गया था |

इस साल सावन के शुरुआत होने से पहले ये खबर तेज थी की सियालकोट के इस मंदिर के कपट को सोमवार को भगवान शिव के पूजा अर्चना के लिए खोला जायेगा | जबकि बीबीसी के अनुसार एक पाकिस्तानी पत्रकार का कहना था इस मंदिर को इसी साल मई के महीने में ही खोल दिया गया था |

सूत्रों का कहना है की इस मंदिर को खुलवाने की अर्जी दी गयी थी जो यहाँ पर रहने वाले कुछ हिन्दू परिवारों ने दिया था | अर्जी के तुरंत बाद इस मंदिर को फ़ौरन खोलने के आदेश दिए गए | मंदिर के खुलने के बाद यहाँ पर साफ़-सफाई और पूजा-पाठ की व्यवस्था भी की गयी |

मगर मुद्दे की बात ये है की आज भी पाकिस्तान में कुल 1100 मंदिर और 500 गुरूद्वारे बंद पड़े है | इससे साफ़ ज़ाहिर हो रहा है की धर्म के नाम कौन सा मुल्क अपनी जनता को सता रहा है | यहीं नहीं आज अगर हमारे देश में एक भी मस्जिद बंद करवा दिया जाये चाहे कारण कोई भी हो, पाकिस्तान फ़ौरन भारत की शिकायत करना संयुक्त राष्ट्र पहुँच जायेगा पर उसने जो मंदिर बंद कर रखे है उसका जवाब मांगो तो मौन हो जायेगा |