NSA डोभाल के कश्मीर दौरे के बाद तैनात किये गए 10 हजार अतिरिक्त जवान, महबूबा ने जताई आपत्ति

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NSA Ajit Doval

अजित डोभाल जो की हमारे देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार है कुछ दिन पहले कश्मीर के दौरे पर गए थे | वहां से लौटने के बाद उन्होंने सरकार से बातचीत की जिसके बाद से गृह मंत्रालय ने बीते 25 जुलाई को एक आर्डर पास किया जिसके तहत कश्मीर में 10 हज़ार अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने के फैसला हुआ है | अब तक कई सैनिक कश्मीर में तैनात भी किये जा चुके है |

सरकार से इस बारे में जब जानकारी ली गयी तो उनका कहना था की सरकार ने ये कदम कश्मीर की कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए लिया गया है उसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती से कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के अभियान को और मजबूती मिलेगी|

NSA Doval

डोभाल के कश्मीर दौरे की किसी को नहीं थी जानकारी

सूत्रों के मुताबिक अजित डोभाल का ये कश्मीर दौरा बिलकुल गुप्त था जिसकी जानकारी शायद ही किसी को होगी | डोभाल चुपके से घाटी के दौरे पर बुधवार को श्रीनगर पहुंचे थे जहाँ उन्होंने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के ऊँचे अफसरों के साथ अलग-अलग बैठकें की जिनमे राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यन, डीजीपी दिलबाग सिंह, आईजी एसपी पाणि जैसे लोग शामिल थे | डोभाल के इस गुप्त दौरे पर उनके साथ दिल्ली से आईबी के आला अधिकारियों की टीम गयी थी |

देशभर से एयरलिफ्ट किए जा रहे हैं जवान

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 25 जुलाई को केंद्रीय सशस्त्र बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियों की तैनाती का ऑर्डर जारी होते ही इस काम को शुरू कर दिया गया था जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों को एयरलिफ्ट कर सीधे कश्मीर पहुंचाया जा रहा है | बता दे की सरकार के इस आर्डर के मुताबिक कश्मीर सुरक्षा बलों की 100 और कंपनियां तैनात की जा रही हैं और इसमें हर एक कंपनी में 100 जवान होंगे | इन केंद्रीय बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) शामिल हैं |

बता दे की इस समय कश्मीर में अमरनाथ की यात्रा का आयोजन किया गया है जिसकी सुरक्षा के लिए पहले से ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के करीब 40 हजार अतिरिक्त जवान कश्मीर में तैनात किए गए हैं | इसके पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र 24 फ़रवरी को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को कश्मीर भेजा गया था |

महबूबा को है इस आर्डर से आपत्ति

ऐसा लगता है की विपक्षी नेताओं को सरकार के हर फैसले से आपत्ति होने की बीमारी हो गयी है | सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने ट्विटर के ज़रिये कहा की- ‘सरकार के इस फैसले से घाटी के लोगों के मन में खौफ की भावना उत्पन्न हो गयी है | इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल की तैनाती लोगो को डरने पर मजबूर कर रही है | कश्मीर के लोगों की प्रमुख समस्या है यहाँ की राजनीती जिसे सैन्य संसाधनों से नहीं सुलझाया जा सकता है | सरकार को अपने इस फैसले पर दोबारा मंथन करने की ज़रुरत है |’

 


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