1जून 2020 ने बना दिया इतिहास, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की हो गई शुरूआत

1जून भारत के इतिहास में दर्ज होने वाला वो दिन जिस दिन ने भारत की एकता को नई परिभाषा दी है। क्योंकि भारत में अब वन नेशन वन राशन कार्ड की शुरूआत हो गई है। जिसके बाद देशभर के नागरिक देश के किसी भी राशन की सरकारी दुकान में अपना राशन कार्ड दिखाकर राशन खरीद सकते हैं। यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर आप अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

वन नेशन वन राशन कार्ड किया गया लागू

नमो सरकार का ये फैसला इसलिये खास है क्योंकि इससे हजारों उन लोगों को सहूलियत होगी जो एक राज्य से दूसरे राज्य में काम करने के लिये जाते हैं। सीधे-सीधे कहें तो प्रवासी श्रमिक या कामगारों को अब अपने हिस्से का राशन किसी भी राज्य में मिल सकेगा। आजादी के बाद ये कदम एक बहुत बड़ा कदम है क्योंकि इससे सभी राज्य एक दूसरे के और ज्यादा करीब आएंगे। देश के 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ की व्यवस्था लागू हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित करते समय इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मार्च, 2021 तक देश के सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि कार्ड दो भाषाओं में स्थानीय भाषा और हिन्दी अथवा अंग्रेजी में जारी होगा। इस स्कीम का ये फायदा होगा कि राशन कार्ड किसी भी राज्य में बना हो, उसका राशन खरीदने के लिए उपयोग दूसरे राज्य में भी हो सकता है। एक आंकड़े के मुताबिक इससे 67 करोड़ गरीब लोगों को फायदा होगा। इसके जरिए राशन कार्ड धारकों को पांच किलो चावल तीन रुपये किलो की दर से और गेहूं दो रुपये किलो की दर से मिलेगा।

कैसे मिलेगा फायदा ?

दरअसल, यह योजना मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) की तरह है। मोबाइल पोर्ट में आपका नंबर नहीं बदलता है और आप देशभर में एक ही नंबर से बात करते हैं। इसी तरह, राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी में आपका राशन कार्ड नहीं बदलेगा। और आप किसी भी राज्य में रहते हुए राशन पा सकते हैं बस इसके लिये आपको उस राज्य में जहां आप रह रहे हैं राशन दुकानदार के पास जाकर अपना नाम बताना होगा जिसके बाद आपको राशन मिलने लगेगा। सारा का सारा सिस्टम कंप्यूटर से जुड़ा होगा इसलिये एक जगह से नाम दर्ज होने के बाद तुरंत ही दूसरी जगह आपका नाम कट जायेगा। ऐसे में पहले की तरह अब आपको भागदौड़ करके राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नही पड़ेगी और घर बैठे की आपका काम आसान हो जायेगा। वैसे इस काम के शुरू होते ही मुनाफाखोरी और बिचौलियों की भी दुकानो में ताला लग जायेगा क्योंकि पहले राशन कार्ड एक ही जगह होने के चलते लोग सामान नही खरीद पाते थे और वो समान दुकानदार बेच दिया करते थे लेकिन अब ऐसा नही होगा। यानी राशन के सेक्टर में एक बड़ा सुधार भी देखा जायेगा तो राशन की बचत भी खूब होगी।

मतलब साफ है कि 1 जून 2020 को देश ने वो इतिहास बनाया है जो कभी भी नही मिट पायेगा। एक राष्ट्र की सरदार साहब कि कल्पना को हर साल नमो सरकार साकार करती जा रही है जिससे देश में एक अलग सा विश्वास पैदा हो रहा है। जिसके दम पर भारत के दुश्मन भी पस्त होते जा रहे हैं।