1 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 2 किस्तें एक साथ दी जाएँगी

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वैसे किसान जिनको अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक भी क़िस्त नहीं मिल पाया है| उनके लिए इस खबर से बेहतर कुछ भी नहीं हो सकती| दरअसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जब अप्रैल में दूसरी क़िस्त बटेगी तब करीब 1 करोड़ किसान ऐसे होंगे जिनको दोनों ही किस्तें एक साथ मिलेंगी। इसके पीछे वजह ये है की इन किसानो का रजिस्ट्रेशन मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता लागू होने के पहले ही हो चुका था| लिहाजा इन किसानो को मिलने वाले क़िस्त का रास्ता पूरी तरह से साफ़ है| सरकार के पास अब तक कुल 4.76 करोड़ किसानो का डाटा पहुँच चूका है| अब रजिस्टर्ड सभी किसानो को को अप्रैल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की दूसरी किस्त अप्रैल में दे दी जायेगी| लेकिन, वैसे एक करोड़ किसानो जिनको अब तक पहली क़िस्त भी नहीं मिली है| वैसे किसानो को दोनों ही किस्तों की रकम एक साथ दी जायेंगी| उल्लेखनीय है कि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानो को साल में तीन किस्त में 6000 रुपये दिए जानें है|

Farmers

वैसे किसान जो इस बात को लेकर संसय में है कि उनका नाम किसानो की उस लिस्ट में है या नहीं जिसके आधार पर केंद्र सरकार, किसानो को सालाना 6000 रूपये देने वाली है| तो ऐसे किसान अपना नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अधिकारिक वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाकर चेक कर सकते है|

गौरतलब है की इससे पहले मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में घोषणा की थी कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत वैसे किसानो को सालाना 6000 रूपये की राशी दी जाएगी, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है| और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक अब तक 2.9146 करोड़ किसानों को रकम हस्तानांतरित की जा चुकी है। मालूम हो की भाजपा ने इस बार योजना के दायरे को बढ़ाते हुए अपने मैनिफेस्टो में वादा किया है कि अगर भाजपा पुनः सरकार में आती है तो वो सभी किसानो को ये राशी देगी| जिसमे 2 हेक्टेयर से कम जमीन जैसे कोई भी शर्त नहीं होंगे|

योजना से जुड़े आंकड़े बताते है की इस योजना का सबसे अधिक लाभ उत्तरप्रदेश के किसानो को हुआ है| आंकड़े की माने तो यूपी में 1,08,49,465 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त ट्रांसफर की जा चुकी है| वही इस योजना का लाभ उठाने में पश्चिम बंगाल, राजस्थान जैसे राज्य पीछे दिखाई पड़ रहे है|